Author – Osama Zakaria
दिल्ली विधानसभा चुनाव में ओखला के टिकट पर कांग्रेस ने अच्छा मूव खेला है। आप के टिकट पर अमानतुल्लाह खान दो बार के विधायक हैं। ओवैसी ने पतंग से सीएए-एनआरसी के आंदोलनकारी और जेल में बंद शिफाउर रहमान को मैदान में उतारा है। इस बीच कांग्रेस ने इलाके की मौजूदा कॉउंसलर अरीबा खान को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
जहाँ एक तरफ आप की स्थिति दो बार के मौजूदा विधायक ने ठीक-ठाक बना रखी है, वहीं कांग्रेस के टिकट पर पार्टी के पूर्व विधायक आसिफ खान की बेटी अरीबा खान अपनी साफ-सुथरी छवि और युवा होने के कारण लोकप्रिय हैं। इसके साथ सीएए-एनआरसी की जमीन रही जामिया और शहीनबाग की जनता एआईएमआईएम के शिफाउर रहमान को भी भली-भांति जानती है। उन्हें सहानुभूति के साथ ओवैसी के ताकत का सहयोग मिलेगा।
इन सबके बीच तीनों उम्मीदवार चर्चित हैं और चर्चा के विषय हैं। सबकी अपनी-अपनी सामाजिक और सियासी पहचान है। इसलिए इस सीट पर मुक़ाबला दिलचस्प होगा। चुनाव में अभी वक्त है। माहौल बनेगा और लोग अपने वोट को लेकर निर्णय लेंगे। ऐसा भी हो सकता है कि कोई अप्रत्याशित फैसला सामने आ जाए।
मुसलमानों के साथ यह चुनाव इस सीट पर पार्टियों के लिए लिटमस टेस्ट है। कौम के नेता ओवैसी की पार्टी है तो उम्मीदवार के प्रति जनता में सहानुभूति का टेस्ट होगा। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले नेता और कांग्रेस पार्टी को अरीबा के नाम पर वोट मिलता है या नहीं, या फिर दिल्ली में जिसकी सरकार है, उसके तर्ज पर मौजूदा आप विधायक बाजी मार ले जाएंगे?
लेकिन एक बात साफ है, जीतेगा वही जो सबसे मजबूती से जीतने का दावा करेगा। बस जनता को दिखना चाहिए कि कौन जीत रहा है और उसकी जीत हो जाएगी। अब सारा मामला चुनाव प्रचार का है।













